हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 22.4.10

अध्याय 22 → खंड 4 → मंत्र 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 22)

सामवेद: | खंड: 4
अञ्जते व्यञ्जते समञ्जते क्रतुँ रिहन्ति मध्वाभ्यञ्जते । सिन्धोरुऽच्छ्वासे पतयन्तमुक्षणँ हिरण्यपावाः पशुमप्सु गृभ्णते ॥ (१०)
हे सोम! सोमरस में यजमान गाय का दूध मिलाते हैं. उसे पी कर प्रसन्न होते हैं, अनेक प्रकार से उसे अनेक रूपों में तैयार करते हैं. उसे मीठे दूध व सोने जैसे चमकते हुए जल में मिलाते हैं. सोम ऊंचे स्थान से, जल के ऊंचे भाग से गिरते हैं. वे सर्वद्रष्टा हैं. (१०)
O Mon! In Someras, the hosts add cow's milk. They are happy to drink it, prepare it in many ways in many ways. Mix it in glowing water like sweet milk and gold. Soma falls from a higher place, from a higher part of the water. They are omnipresent. (10)