हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 23.1.4

अध्याय 23 → खंड 1 → मंत्र 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 23)

सामवेद: | खंड: 1
इन्द्रं वो विश्वतस्परि हवामहे जनेभ्यः । अस्माकमस्तु केवलः ॥ (४)
हे यजमानो! इंद्र सभी लोकों से ऊपर हैं. लोगों के कल्याण के लिए हम उन का आह्वान करते हैं. आप की कृपा से हम सब का कल्याण हो. (४)
O hosts! Indra is above all worlds. We call upon them for the welfare of the people. May it be the welfare of all of us by your grace. (4)