हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 24.3.1

अध्याय 24 → खंड 3 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 24)

सामवेद: | खंड: 3
एदु मधोर्मदिन्तरँ सिञ्चाध्वर्यो अन्धसः । एवा हि वीर स्तवते सदावृधः ॥ (१)
हे यजमानो! सोमरस मधुर, सुखदायी व इंद्र के लिए आनंददायी है. आप इंद्र की स्तुति कीजिए. वे ही स्तुति के योग्य हैं. आप सोमरस भी उन्हीं की सेवा में समर्पित कीजिए. (१)
O hosts! Someras is sweet, pleasant and enjoyable for Indra. You praise Indra. They are the ones who deserve praise. You also dedicate Somers to his service. (1)