हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 11.3

अध्याय 11 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
यु॒क्त्वाय॑ सवि॒ता दे॒वान्त्स्व॑र्य॒तो धि॒या दिव॑म्। बृ॒हज्ज्योतिः॑ करिष्य॒तः स॑वि॒ता प्रसु॑वाति॒ तान् ॥ (३)
सविता देव सभी को प्रकाशित करने बाले हैं. वे बुद्धि और स्वर्गलोक को प्रकाशित करते हैं. वे अपनी विशाल ज्योति को पूरी तरह विस्तार देते हैं. (३)
Savita Dev is the one who publishes everyone. They illuminate the intellect and heaven. They completely expand their vast light. (3)