हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 11.81

अध्याय 11 → मंत्र 81 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
सꣳशि॑तं मे॒ ब्रह्म॒ सꣳशि॑तं वी॒र्यं बल॑म्। सꣳशि॑तं क्ष॒त्रं जि॒ष्णु यस्या॒हमस्॑िम पु॒रोहि॑तः ॥ (८१)
हे अग्नि! आप की कृपा से जिस यजमान के यज्ञ के हम पुरोहित हैं, उस यजमान के वीर्य, बल, ज्ञान व जीतने योग्य क्षात्रबल की बढ़ोतरी करने की कृपा कीजिए. आप उस यजमान को विजयशील बनाने की कृपा कीजिए. (८१)
O agni! By your grace, please increase the semen, strength, knowledge and winnable power of the host of whose sacrifice we are priests. Please make that host victorious. (81)