हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 12.63

अध्याय 12 → मंत्र 63 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
नमः॒ सु ते॑ निर्ऋते तिग्मतेजोऽय॒स्मयं॒ विचृ॑ता ब॒न्धमे॒तम्। य॒मेन॒ त्वं य॒म्या सं॑विदा॒नोत्त॒मे नाके॒ऽअधि॑ रोहयैनम् ॥ (६३)
हे निर्ऋते! आप तेजस्वी हैं. आप शक्तिमान हैं. आप लोहे जैसी दूढ़ हैं. आप हमें सांसारिक सत्व बंधन से मुक्त कीजिए. यजमान को यमलोक से उत्तम स्वर्गलोक में पहचानने की कृपा कीजिए. (६३)
O nirvite! You are stunning. You are powerful. You are as iron-like. You free us from the bondage of worldly existence. Please recognize the host in heaven better than Yamlok. (63)