यजुर्वेद (अध्याय 12)
अ॒श्व॒त्थे वो॑ नि॒षद॑नं प॒र्णे वो॑ वस॒तिष्कृ॒ता। गो॒भाज॒ऽइत् किला॑सथ॒ यत् स॒नव॑थ॒ पूरु॑षम् ॥ (७९)
ओषधियों का निवास पीपल और पत्तों में है. आप गो भाजन बनिए. आप आकाश का सेवन कीजिए. आप वर्षा करिए. आप यजमान को अन्नधन संपन्न बनाइए, (७९)
The medicinal habitation is in peepal and leaves. You become a go bhajan. You consume the sky. You rain. Make the host rich in food, (79)