यजुर्वेद (अध्याय 12)
यत्रौष॑धीः स॒मग्म॑त॒ राजा॑नः॒ समि॑ताविव। विप्रः॒ सऽउ॑च्यते भि॒षग् र॑क्षो॒हामी॑व॒चात॑नः ॥ (८०)
जैसे राजा राक्षसों पर विजय पाने के लिए युद्ध में जाते हैं, वैसे ही ओषधियां रोगी और रोग के पास जाती हैं. रोगनाशक होने के ही कारण उन्हें वैद्य और विप्र कहा जाता है. (८०)
Just as kings go to war to conquer demons, so drugs go to the patient and disease. Due to being a disease killer, they are called Vaidya and Vipra. (80)