हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 17.49

अध्याय 17 → मंत्र 49 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
मर्मा॑णि ते॒ वर्म॑णा छादयामि॒ सोम॑स्त्वा॒ राजा॒मृते॒नानु॑ वस्ताम्। उ॒रोर्वरी॑यो॒ वरु॑णस्ते कृणोतु॒ जय॑न्तं॒ त्वानु॑ दे॒वा म॑दन्तु ॥ (४९)
हम वीर अपने अंगों को कवच से ढकते हैं. वरुण देव इसे दृढ़ बनाए रखें. सोम राजा हैं. वह सब को अमृत से अमर बनाएं, वरुण देव वरीय हैं. वह हमें विजयी करें. देवगण उन्हें आनंदित करें. (४९)
We heroes cover our limbs with armor. Varun Dev keep it firm. Som is the king. Make everyone immortal with nectar, Varun Dev is the favorite. May he make us victorious. May God make them happy. (49)