यजुर्वेद (अध्याय 18)
सु॒षु॒म्णः सूर्य॑रश्मिश्च॒न्द्रमा॑ गन्ध॒र्वस्तस्य॒ नक्ष॑त्राण्यप्स॒रसो॑ भे॒कुर॑यो॒ नाम॑। स न॑ऽइ॒दं ब्रह्म॑ क्ष॒त्रं पा॑तु॒ तस्मै॑ स्वाहा॒ वाट् ताभ्यः॒ स्वाहा॑ ॥ (४०)
सूर्य सुषमा दायक हैं. चंद्र देव सूर्य की किरणों से प्रकाश पाते हैं. नक्षत्रों की रश्मियां गंधर्व अप्सराएं हैं. ये चमकीली हैं. ये ब्राह्मणों व क्षत्रियों की रक्षा करें. इन के लिए आहुति अर्पित है. इन के लिए स्नेहपूर्वक आहुति अर्पित है. इन के लिए स्वाहा. (४०)
Surya Sushma is giving. Chandra Dev gets light from the rays of the sun. The rays of the constellations are Gandharva apsaras. These are bright. They should protect Brahmins and Kshatriyas. Sacrifice is offered for them. Offer affectionately to them. Swaha for these. (40)