यजुर्वेद (अध्याय 19)
अग्नि॑ष्वात्ताः पितर॒ऽएह ग॑च्छत॒ सदः॑सदः सदत सुप्रणीतयः। अ॒त्ता ह॒वीषि॒ प्रय॑तानि ब॒र्हिष्यथा॑ र॒यिꣳ सर्व॑वीरं दधातन ॥ (५९)
पितरगण अग्नि के समान तेजस्वी हैं. वे यहां पधारें. यज्ञ सदन में विराजने की कृपा करें. कुश के आसन पर विराजिए. पितर हम यजमान के लिए धन व श्रेष्ठ वीर धारने की कृपा करें. (५९)
The ancestors are as bright as agni. They come here. Please sit in the Yagya Sadan. Sit on the seat of Kush. Father, may we be pleased to hold wealth and superior heroes for the host. (59)