यजुर्वेद (अध्याय 19)
आच्या॒ जानु॑ दक्षिण॒तो नि॒षद्ये॒मं य॒ज्ञम॒भिगृ॑णीत॒ विश्वे॑। मा हि॑ꣳसिष्ट पितरः॒ केन॑ चिन्नो॒ यद्व॒ऽआगः॑ पुरु॒षता॒ करा॑म ॥ (६२)
हे पितरगणो! हम दाहिने घुटने पर टिक कर आप को आमंत्रित करते हैं. आप इस पूरे यज्ञ में अपना अभिमत प्रकट करने की कृपा करें. आप हम को हिंसित न करें. पितरगण यहां आने और हमारी रक्षा करने की कृपा करें. (६२)
O fathers! We invite you by sticking on the right knee. Please express your opinion in this entire yajna. Don't you hyp us. Please fathers to come here and protect us. (62)