हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 19.63

अध्याय 19 → मंत्र 63 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
आसी॑नासोऽअरु॒णीना॑मु॒पस्थे॑ र॒यिं ध॑त्त दा॒शुषे॒ मर्त्या॑य। पु॒त्रेभ्यः॑ पितर॒स्तस्य॒ वस्वः॒ प्रय॑च्छ॒त तऽइ॒होर्जं॑ दधात ॥ (६३)
पितरगण लाल सूर्यलोक में विराजे हुए हैं. आप हमारे लिए धन धारिए. मनुष्यों के लिए ऐश्वर्य दीजिए, पितर पुत्रों के लिए वैभव दें. ऊर्जा धारण करें. (६३)
The ancestors are seated in the red sun. You save money for us. Give opulence to human beings, give glory to fathers and sons. Hold energy. (63)