हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 19.69

अध्याय 19 → मंत्र 69 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
अधा॒ यथा॑ नः पि॒तरः॒ परा॑सः प्र॒त्नासो॑ऽअग्नऽऋ॒तमा॑शुषा॒णाः। शुचीद॑य॒न् दीधि॑तिमुक्थ॒शासः॒ क्षामा॑ भि॒न्दन्तो॑ऽअरु॒णीरप॑ व्रन् ॥ (६९)
हे अग्नि! जैसे हमारे पितरों ने देह से मुक्त हो कर ऋतलोक को पाया, पवित्र किया, ज्ञान का विस्तार किया, अज्ञान का भेदन किया, हम भी उन की ही तरह दिव्यलोक को पाएं. (६९)
O agni! Just as our fathers got rid of the flesh and found the world of rit, sanctified it, expanded knowledge, penetrated ignorance, we also found the divine world like them. (69)