यजुर्वेद (अध्याय 19)
अद्भ्यः क्षी॒रं व्य॑पिब॒त् क्रुङ्ङा॑ङ्गिर॒सो धि॒या। ऋ॒तेन॑ स॒त्यमि॑न्द्रि॒यं वि॒पान॑ꣳशु॒क्रमन्ध॑स॒ऽइन्द्र॑स्येन्द्रि॒यमि॒दं पयो॒ऽमृतं॒ मधु॑ ॥ (७३)
प्राण रूपी हंस बुद्धि से जल मिश्रित दूध में से दूध पीता है. ऋत से सत्य की प्राप्ति कराता है. यह इंद्रियं में सामर्थ्य प्रदान कराता है. यह हमें दूध व मधुर पदार्थ की प्राप्ति कराता है. (७३)
Prana-like swan drinks milk from milk mixed with water with intelligence. He attains truth from the truth. It provides strength in the senses. It gives us milk and sweet foods. (73)