यजुर्वेद (अध्याय 19)
सोम॑म॒द्भ्यो व्य॑पिब॒च्छन्द॑सा ह॒ꣳसः शु॑चि॒षत्। ऋ॒तेन॑ स॒त्यमि॑न्द्रि॒यं वि॒पान॑ꣳ शु॒क्रमन्ध॑स॒ऽइन्द्र॑स्येन्द्रि॒यमि॒दं पयो॒ऽमृतं॒ मधु॑ ॥ (७४)
आदित्य देव सोम को जलों से पृथक् कर के पीते हैं. ऋत से सत्य की प्राप्ति कराते हैं. यह इंद्रियों में सामर्थ्य प्रदान कराते हैं. यह हमें दूध व मधुर पदार्थ की प्राप्ति कराते हैं. (७४)
Aditya Dev separates Som from water and drinks it. They get the truth from the right. It provides strength in the senses. It gives us milk and sweet foods. (74)