यजुर्वेद (अध्याय 19)
उ॒प॒या॒मगृ॑हीतोऽस्याश्वि॒नं तेजः॑ सारस्व॒तं वी॒र्यमै॒न्द्रं बल॑म्। ए॒ष ते॒ योनि॒र्मोदा॑य त्वान॒न्दाय॑ त्वा॒ मह॑से त्वा ॥ (८)
सोम देव! आप उपयाम में ग्रहण किए गए हैं. अश्विनीकुमार के तेज के लिए व सरस्वती देवी के पराक्रम के लिए आप को स्थापित करते हैं. हमारे लिए वीर्य धारिए. (८)
Som Dev! You are eclipsed in the theorem. For the glory of Ashwinikumar, let us establish you for the might of Saraswati Devi. Hold semen for us. (8)