हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 19.82

अध्याय 19 → मंत्र 82 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
तद॒श्विना॑ भि॒षजा॑ रु॒द्रव॑र्तनी॒ सर॑स्वती वयति॒ पेशो॒ऽअन्त॑रम्। अस्थि॑ म॒ज्जानं॒ मास॑रैः कारोत॒रेण॒ दध॑तो॒ गवां॑ त्व॒चि ॥ (८२)
बैद्य अश्विनीकुमार रुद्र जैसे स्वभाव के हैं. उन्होंने और देवी सरस्वती ने इंद्र देव के शरीर को पूरा बनाया. अस्थि, मज्जा, मांस आदि और गायों की त्वचा को धारा. (८२)
Baidya Ashwinikumar is rudra-like nature. He and Goddess Saraswati made Indra Dev's body complete. Stream bone, marrow, meat etc. and skin of cows. (82)