यजुर्वेद (अध्याय 3)
भूर्भुवः॒ स्वः सुप्र॒जाः प्र॒जाभिः॑ स्या सु॒वीरो॑ वी॒रैः सु॒पोषः॒ पोषैः॑। नर्य॑ प्र॒जां मे॑ पाहि॒ शꣳस्य॑ प॒शून् मे॑ पा॒ह्यथ॑र्य पि॒तुं मे॑ पाहि ॥ (३७)
हे अग्नि! हम अच्छी संतान और अच्छे वीरों बाले हो जाएं. हम सुवीरों का अच्छे अन्न से पोषण करें. आप हमारी संतान, हमारे पशुओं व पालक की रक्षा करने की कृपा करें. (३७)
O agni! Let us be good children and good heroes. Let us nurture the suvirs with good food. Please protect our children, our animals and guardians. (37)