हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 3.41

अध्याय 3 → मंत्र 41 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
गृहा॒ मा बि॑भीत॒ मा वे॑पध्व॒मूर्जं॒ बिभ्र॑त॒ऽएम॑सि। ऊर्जं॒ बिभ्र॑द्वः सु॒मनाः॑ सुमे॒धा गृ॒हानैमि॒ मन॑सा॒ मोद॑मानः ॥ (४१)
हे घर! भयभीत और कांपिए मत. हम ऊर्जस्वी (तेजवान) होने के लिए आप के पास आते हैं. हम ओज संपन्न हो कर आप में प्रविष्ट होते हैं. हम श्रेष्ठ बुद्धिमान दुःखहीन हो कर आप में प्रविष्ट होते हैं. (४१)
Hey home! Don't be afraid and tremble. We come to you to be energetic . We enter you with pride. We the best intelligent enter you without suffering. (41)