हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 3.44

अध्याय 3 → मंत्र 44 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
प्र॒घा॒सिनो॑ हवामहे म॒रुत॑श्च रि॒शाद॑सः। क॒र॒म्भेण॑ स॒जोष॑सः ॥ (४४)
हे मरुद्गणो! आप शत्रुओं की हिंसा करने वाले व हवि का भक्षण करने वाले हैं. हे मरुदगणो! आप दही मिश्रित सत्तू का भक्षण करने बाले हैं. (४४)
O Marudgano! You are going to eat the violence of enemies. O Marudagano! You are going to eat curd mixed sattu. (44)