यजुर्वेद (अध्याय 30)
वि॒भ॒क्तार॑ꣳ हवामहे॒ वसो॑श्चि॒त्रस्य॒ राध॑सः। स॒वि॒तारं॑ नृ॒चक्ष॑सम् ॥ (४)
हे सबरिता देव! हम आप का आह्वान करते हैं. आप संरक्षक, धनवान, प्रेरक व सभी को संपत्ति देने वाले हैं. (४)
O Lord Sabrita! We call upon you. You are a protector, rich, motivator and an asset to all. (4)