यजुर्वेद (अध्याय 31)
यत्पुरु॑षं॒ व्यद॑धुः कति॒धा व्य॑कल्पयन्।मुखं॒ किम॑स्यासी॒त् किं बा॒हू किमू॒रू पादा॑ऽउच्येते ॥ (१०)
संकल्प से प्रकटे विराट् पुरुष का ज्ञानीजन भांतिभांति से वर्णन करते हैं. उस का मुख क्या है? बाहु क्या है? जांघ कौन सी है? पांव क्या कहे जाते हैं. (१०)
The wise describe the great man manifested with resolve in a manner. What is his face? What is bahu? Which is the thigh? What are feet called? (10)