यजुर्वेद (अध्याय 31)
च॒न्द्रमा॒ मन॑सो जा॒तश्चक्षोः॒ सूर्यो॑ऽअजायत।श्रोत्रा॑द्वा॒युश्च॑ प्रा॒णश्च॒ मुखा॑द॒ग्निर॑जायत ॥ (१२)
विराट् पुरुष के मन से चंद्रमा, आंखों से सूर्य, कान से वायु और मुख से अग्नि उत्पन्न हुई. (१२)
The moon was born from the mind of the great man, the sun from the eyes, the air from the ear and agni from the mouth. (12)