यजुर्वेद (अध्याय 33)
इ॒न्द्र॒वा॒यू बृह॒स्पतिं॑ मि॒त्राग्निं पू॒षणं॒ भग॑म्।आ॒दि॒त्यान् मारु॑तं ग॒णम् ॥ (४५)
हम इंद्र देव, वायु देव, बृहस्पति देव, मित्र देव, अग्निपूषा देव भग देव, आदित्यगण और मरुद्गण का आह्वान करते हैं. (४५)
We invoke Indra Dev, Vayu Dev, Brihaspati Dev, Mitra Dev, Agnipusha Dev Bhaga Dev, Adityagan and Marudgan. (45)