हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 35.2

अध्याय 35 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
स॒वि॒ता ते॒ शरी॑रेभ्यः पृथि॒व्यां लो॒कमि॑च्छतु।तस्मै॑ युज्यन्तामु॒स्रियाः॑ ॥ (२)
सविता देव आप के शरीर के लिए पृथ्वीलोक की इच्छा करने की कृपा करों. वे पृथ्वीलोक को पशुओं से जोड़ने की कृपा करें. (२)
Savita Dev, please wish earth for your body. May they be pleased to connect the earth with animals. (2)