यजुर्वेद (अध्याय 6)
इ॒दमा॑पः॒ प्रव॑हताव॒द्यं च॒ मलं॑ च॒ यत्। यच्चा॑भिदु॒द्रोहानृ॑तं॒ यच्च॑ शे॒पेऽअ॑भी॒रुण॑म्। आपो॑ मा॒ तस्मा॒देन॑सः॒ पव॑मानश्च मुञ्चतु ॥ (१७)
हे जल देव! आप जिस तरह हमारे मल आदि को दूर करते हैं, उसी तरह यजमान के इर्ष्या, झूठ, दोष आदि को दूर करें. जल तथा वायु हम को इन पापों से मुक्त करें. जल हम को पवित्र बनाने की कृपा करे. (१७)
O God of water! Just as you remove our stool, etc., remove the jealousy, lies, defects, etc. of the host. May water and air absolve us of these sins. May water please make us holy. (17)