यजुर्वेद (अध्याय 6)
स॒मु॒द्रं ग॑च्छ॒ स्वाहा॒न्तरि॑क्षं गच्छ॒ स्वाहा॑ दे॒वꣳ स॑वि॒तारं॑ गच्छ॒ स्वाहा॑ मि॒त्रावरु॑णौ गच्छ॒ स्वाहा॑होरा॒त्रे ग॑च्छ॒ स्वाहा॒ छन्दा॑सि गच्छ॒ स्वाहा॒ द्या॑वापृथि॒वी ग॑च्छ॒ स्वाहा॒ य॒ज्ञं ग॑च्छ॒ स्वाहा॒ सोमं॑ गच्छ॒ स्वाहा॑ दि॒व्यं नभो॑ गच्छ॒ स्वाहा॒ग्निं वै॑श्वान॒रं ग॑च्छ॒ स्वाहा॒ मनो॑ मे॒ हार्दि॑ यच्छ॒ दिवं॑ ते धू॒मो ग॑च्छतु॒ स्वर्ज्योतिः॑ पृथि॒वीं भस्म॒नापृ॑ण॒ स्वाहा॑ ॥ (२१)
यजमान द्वारा दी गई हवि समुद्र तक जाए, कल्याणकारी हो. यजमान द्वारा दी गई हवि अंतरिक्ष तक जाए, कल्याणकारी हो. यजमान द्वारा दी गई हवि सविता देव तक जाए, कल्याणकारी हो. यजमान द्वारा दी गई हवि मित्र देव तक जाए, कल्याणकारी हो. यजमान द्वारा दी गई हवि वरुण देव तक जाए, कल्याणकारी हो. यजमान द्वारा दी गई हवि दिन देव तक जाए, कल्याणकारी हो. यजमान द्वारा दी गई हवि रात्रि देव तक जाए, कल्याणकारी हो. यजमान द्वारा दी गई हवि छंद तक जाए, कल्याणकारी हो. यजमान द्वारा दी गई हवि स्वर्गलोक तक जाए, कल्याणकारी हो. यजमान द्वारा दी गई हवि पृथ्वी लोक तक जाए, कल्याणकारी हो. यजमान द्वारा दी गईं हवि यज्ञ देव तक जाए, कल्याणकारी हो. यजमान द्वारा दी गई हवि सोम तक जाए, कल्याणकारी हो. यजमान द्वारा दी गई हवि नभ देव तक जाए, कल्याणकारी हो. यजमान द्वारा दी गई हवि अग्नि तक जाए, कल्याणकारी हो. यजमान द्वारा दी गई हवर वैश्वानर तक जाए, कल्याणकारी हो. देवगण हमारे मन को हार्दिक दिव्यता प्रदान करें. अग्नि का धुआं सर्वत्र जाए. अग्नि की ज्योति और भस्म पृथ्वीलोक को पूर्ण करें. अग्नि की ज्योति और भस्म अंतरिक्षलोक को परिपूर्ण करें. इन अग्नि के लिए स्वाहा. (२१)
The air given by the host should go to the sea, be beneficial. The air given by the host should go to space, be beneficial. The havi given by the host should go to Savita Dev, be beneficial. The love given by the host should go to God, be beneficial. The havi given by the host should go to Varun Dev, be welfare. May the day given by the host go to God, be beneficial. May the night given by the host go to God, be beneficial. Go to the havi verses given by the host, be beneficial. May the heaven given by the host go to heaven, be beneficial. The light given by the host should go to the earth and be beneficial. Let the sacrifice given by the host go to God, be beneficial. Let the havi given by the host go up to the som, be beneficial. The desire given by the host should go to God, be beneficial. The havi given by the host should go to agni, be beneficial. The blessings given by the host should go to the global, be beneficial. May God give heartfelt divinity to our mind. The smoke of agni should go everywhere. May the light and ashes of agni complete the earth. May the light and ashes of agni fill the space world. Love for these agnis. (21)