हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 8.14

अध्याय 8 → मंत्र 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
सं वर्च॑सा॒ पय॑सा॒ सं त॒नूभि॒रग॑न्महि॒ मन॑सा॒ सꣳशि॒वेन॑। त्वष्टा॑ सु॒दत्रो॒ वि द॑धातु॒ रायोऽनु॑मार्ष्टु त॒न्वो यद्विलि॑ष्टम् ॥ (१४)
हम वर्चस्वी, दूधपूर्ण, श्रेष्ठ शरीर वाले और मन से कल्याणकारी रहे. त्वष्टा देव हमारे लिए धन धारिए. आप हमें धन देने व कष्ट विहीन करने की कृपा कीजिए. (१४)
We were dominated, milky, superior in body and welfare with our mind. May Tvashta Dev hold money for us. Please give us money and make us miserable. (14)