अथर्ववेद (कांड 10)
यस्य॒ त्रय॑स्त्रिंशद्दे॒वा अङ्गे॒ सर्वे॑ स॒माहि॑ताः । स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (१३)
जिस के अंग में सभी तैंतीस देव समाए हुए हैं, उस परमेश्वर के विषय में बताओ कि वह कौन है? (१३)
Tell me of the God in whose body all the thirty-three gods are encompassed, who is He? (13)