अथर्ववेद (कांड 10)
यस्य॒ ब्रह्म॒ मुख॑मा॒हुर्जि॒ह्वां म॑धुक॒शामु॒त । वि॒राज॒मूधो॒ यस्या॒हुः स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (१९)
ब्रह्म जिस का मुख कहा गया है, मधुकशा जिस की जीभ बताई गई है एवं विराट् ऐन कहा गया है, उस ब्रह्म के विषय में बताओ कि वह कौन है? (१९)
Brahman, whose face has been said, Madhukasha whose tongue has been told and Virat Ain has been said, tell me about that Brahman, who is he? (19)