अथर्ववेद (कांड 10)
यस्मा॒दृचो॑ अ॒पात॑क्ष॒न्यजु॒र्यस्मा॑द॒पाक॑षन् । सामा॑नि॒ यस्य॒ लोमा॑न्यथर्वाङ्गि॒रसो॒ मुखं॑ स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (२०)
जिस से ऋचाएं बनीं एवं जिस से यजुर्वेद के मंत्र बने, सामवेद के मंत्र जिस के रोम एवं अथर्ववेद के मंत्र जिस का मुख है, उस परमेश्वर के विषय में बताओ कि वह कौन है? (२०)
Tell us about the God from whom the hymns are formed and from which the mantras of yajurveda are formed, the mantras of Samaveda, whose face is the mantra of Rome and Atharvaveda, whose face is he? (20)