अथर्ववेद (कांड 10)
यत्रा॑दि॒त्याश्च॑ रु॒द्राश्च॒ वस॑वश्च स॒माहिताः॑ । भू॒तं च॒ यत्र॒ भव्यं॑ च॒ सर्वे॑ लो॒काः प्रति॑ष्ठिताः स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (२२)
जिस में बारह आदित्य, एकादश रुद्र और आठ वसु समाए हुए हैं, उस परमेश्वर के विषय में बताओ कि वह कौन है. (२२)
Tell us about the God in whom twelve Adityas, eleventh Rudra and eight Vasus are included. (22)