हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 11.3.21

कांड 11 → सूक्त 3 → मंत्र 21 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
यस्य॑ दे॒वा अक॑ल्प॒न्तोच्छि॑ष्टे॒ षड॑शी॒तयः॑ ॥ (२१)
यज्ञ से बचे हुए इस ओदन के अंश से चार सौ अस्सी देव शक्तिशाली बनें. (२१)
Four hundred and eighty gods became powerful with the part of this odan left from the yajna. (21)