अथर्ववेद (कांड 11)
ब्र॑ह्म॒चर्ये॑ण॒ तप॑सा दे॒वा मृ॒त्युमपा॑घ्नत । इन्द्रो॑ ह ब्रह्म॒चर्ये॑ण दे॒वेभ्यः॒ स्वराभ॑रत् ॥ (१९)
ब्रह्मचर्य रूपी तप के द्वारा देवों ने मृत्यु का हनन कर दिया अर्थात् देव अमर हो गए. इंद्र ने ब्रह्मचर्य के द्वारा देवों के लिए स्वर्ग पर अधिकार किया. (१९)
Through the penance of celibacy, the gods violated death, that is, the gods became immortal. Indra conquered heaven for the gods through celibacy. (19)