अथर्ववेद (कांड 11)
ओष॑धयो भूतभ॒व्यम॑होरा॒त्रे वन॒स्पतिः॑ । सं॑वत्स॒रः स॒हर्तुभि॒स्ते जा॒ता ब्र॑ह्मचा॒रिणः॑ ॥ (२०)
जड़ीबूटियां और फसलें, भूतकाल में उत्पन्न और भविष्य में उत्पन्न होने वाला प्राणि समूह, दिन और रात, ऋतुओं के साथ संवत्सर-ये सब ब्रह्मचर्य से उत्पन्न हुए. (२०)
Herbs and crops, animal groups originating in the past and born in the future, day and night, samvatsar with seasons - all these originated from celibacy. (20)