हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 11.8.21

कांड 11 → सूक्त 8 → मंत्र 21 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 8
भू॒तं ब्रू॑मो भूत॒पतिं॑ भू॒ताना॑मु॒त यो व॒शी । भू॒तानि॒ सर्वा॑ सं॒गत्य॒ ते नो॑ मुञ्च॒न्त्वंह॑सः ॥ (२१)
हम भूत की, भूतों के स्वामी की तथा भूतों को वश में करने वाले की स्तुति करते हैं. सभी भूत मिल कर हमें पाप से मुक्त करें. (२१)
We praise the ghost, the swami of the ghosts and the one who subdues the ghosts. May all the ghosts come together and free us from sin. (21)