हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 12.10.1

कांड 12 → सूक्त 10 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 12)

अथर्ववेद: | सूक्त: 10
क्षि॒प्रं वै तस्या॒हन॑ने॒ गृध्राः॑ कुर्वत ऐल॒बम् ॥ (१)
जो क्षत्रिय ब्राह्मण की गाय को ले जाता है, गिद्ध उस के नेत्र निकालते हैं. (१)
The vultures remove the eyes of the Kshatriya who takes the brahmin's cow. (1)