अथर्ववेद (कांड 12)
अघ्न्ये॑ पद॒वीर्भ॑व ब्राह्म॒णस्या॒भिश॑स्त्या ॥ (१२)
हे अघ्न्या! ब्राह्मण के शाप के कारण तू अपहरण कर्ता के पैरों की बेड़ी बन जाती है. (१२)
O Aghnya! Because of the brahmin's curse, you become the shackle of the kidnapper's feet. (12)