हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 12.10.13

कांड 12 → सूक्त 10 → मंत्र 13 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 12)

अथर्ववेद: | सूक्त: 10
मे॒निः श॑र॒व्या भवा॒घाद॒घवि॑षा भव ॥ (१३)
हे ब्राह्मण की गाय! तू अस्त्ररूप बाणों के समूह को प्राप्त होती हुई उस के पाप के कारण अधिष्ठाता बन जा. (१३)
O Brahmin's cow! You receive a group of weapon arrows and become the master because of its sin. (13)