हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 12.7.1

कांड 12 → सूक्त 7 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 12)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
सैषा भी॒मा ब्र॑ह्मग॒व्यघवि॑षा सा॒क्षात्कृ॒त्या कूल्ब॑ज॒मावृ॑ता ॥ (१)
ब्राह्मण की यह धेनु विराजमान होती है. कूल्बज पाप से ढके हुए हिंसा करने वाले विष से युक्त हुई यह धेनु कृत्या के समान हो जाती है. (१)
This dhenu of a Brahmin is seated. It becomes like a dhenu krita, covered with sin-covered poison. (1)