हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 12.7.2

कांड 12 → सूक्त 7 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 12)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
सर्वा॑ण्यस्यां घो॒राणि॒ सर्वे॑ च मृ॒त्यवः॑ ॥ (२)
ब्राह्मण की इस गाय में सभी विकराल कर्म और मृत्यु देने वाले कारण व्याप्त रहते है. (२)
All the terrible deeds and death-giving causes are prevalent in this cow of Brahmin. (2)