हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 12.9.1

कांड 12 → सूक्त 9 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 12)

अथर्ववेद: | सूक्त: 9
तस्या॑ आ॒हन॑नं कृ॒त्या मे॒निरा॒शस॑नं वल॒ग ऊब॑ध्यम् ॥ (१)
ब्राह्मण की गाय को मारना मरणासन्न बन जाता है. इस को हनन करना कृत्या राक्षसी है. इस का गोबर युक्त आधा पका हुआ चारा शपथ के समान है. (१)
Killing a Brahmin's cow becomes dying. It is monstrous to violate it. Its half-cooked fodder containing cow dung is like an oath. (1)