अथर्ववेद (कांड 12)
तस्या॑ आ॒हन॑नं कृ॒त्या मे॒निरा॒शस॑नं वल॒ग ऊब॑ध्यम् ॥ (१)
ब्राह्मण की गाय को मारना मरणासन्न बन जाता है. इस को हनन करना कृत्या राक्षसी है. इस का गोबर युक्त आधा पका हुआ चारा शपथ के समान है. (१)
Killing a Brahmin's cow becomes dying. It is monstrous to violate it. Its half-cooked fodder containing cow dung is like an oath. (1)