अथर्ववेद (कांड 13)
अ॒वः परे॑ण प॒र ए॒नाव॑रेण प॒दा व॒त्सं बिभ्र॑ती॒ गौरुद॑स्थात् । सा क॒द्रीची॒ कं स्वि॒दर्धं॒ परा॑गा॒त्क्व स्वित्सूते न॒हि यू॒थे अ॒स्मिन् ॥ (४१)
एक पैर से बछड़े को तथा दूसरे से अन्न को धारण करती हुई श्वेत रंग की गौ उठती है. यह किसी अर्द्ध भाग में जाती और प्रसन्न रहती है. यह झुंड में जा कर नहीं रहती. (४१)
A white cow is raised with one leg holding the calf and the other with food. It goes to a half part and is happy. It does not live in a herd. (41)