अथर्ववेद (कांड 13)
मा प्र गा॑म प॒थो व॒यं मा य॒ज्ञादि॑न्द्र सो॒मिनः॑ । मान्त स्थु॑र्नो॒ अरा॑तयः ॥ (५९)
हे इंद्र देव! जिस यज्ञ विधि में सोम का प्रयोग होता है, हम उस पद्धति से पृथक् न जाएं. हमारे देश में शत्रु न रहें. (५९)
O Indra Dev! In which Soma is used, we should not go separately from that method. Do not remain enemies in our country. (59)