अथर्ववेद (कांड 14)
अ॑श्ली॒लात॒नूर्भ॑वति॒ रुश॑ती पा॒पया॑मु॒या । पति॒र्यद्व॒ध्वो॒ वास॑सः॒स्वमङ्ग॑मभ्यूर्णु॒ते ॥ (२७)
जब पत्नी के वस्त्र से पति अपना शरीर ढकता है, तब सुंदर शरीर वाला पति भी इस पाप पूर्ण रीति के कारण शोभाहीन हो जाता है. (२७)
When the husband covers his body with the wife's cloth, then the husband with a beautiful body also becomes graceless due to this sinful manner. (27)