हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 14.1.36

कांड 14 → सूक्त 1 → मंत्र 36 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 14)

अथर्ववेद: | सूक्त: 1
येन॑ महान॒घ्न्याज॒घन॒मश्वि॑ना॒ येन॑ वा॒ सुरा॑ । येना॒क्षा अ॒भ्यषि॑च्यन्त॒ तेने॒मांवर्च॑सावतम् ॥ (३६)
हे अश्चिनीकुमारो! जिस से बड़ी गौ का निचला दुग्धाशय का भाग, जिस से संपत्ति तथा जिस से आंखें भरी रहती हैं, उस तेज से उस वधू की रक्षा करो. (३६)
O Ashchini Kumaro! Protect the bride from the lower part of the larger cow, the part of the lower dairy, with which the property and the eyes are filled. (36)