अथर्ववेद (कांड 14)
सु॑मङ्ग॒लीरि॒यंव॒धूरि॒मां स॒मेत॒ पश्य॑त । सौभा॑ग्यम॒स्यै द॒त्त्वा दौर्भा॑ग्यैर्वि॒परे॑तन ॥ (२८)
यह वधू कल्याणमयी है. सब मिल कर इसे देखो. तुम सब इस के दुर्भाग्य को दूर करते हुए इसे भाग्य प्रदान करो. (२८)
This bride is kalyanmayi. All get together and watch it. All of you remove the misfortune of this while giving it luck. (28)