अथर्ववेद (कांड 14)
बृह॒स्पति॒नाव॑सृष्टां॒ विश्वे॑ दे॒वा अ॑धारयन् । पयो॒ गोषु॒ प्रवि॑ष्टं॒यत्तेने॒मां सं सृ॑जामसि ॥ (५७)
बृहस्पति द्वारा यह ओषधि विश्वे देवों के हेतु पुष्ट हुई है. गायों में जो दूध स्थित है, हम इस ओषधि को उस से संयुक्त करते हैं. (५७)
This medicine has been strengthened by Jupiter for the world gods. The milk that is located in the cows, we combine this medicine with it. (57)