अथर्ववेद (कांड 16)
तद॒ग्निरा॑ह॒तदु॒ सोम॑ आह पू॒षा मा॑ धात्सुकृ॒तस्य॑ लो॒के ॥ (२)
अग्नि और सोम इसी बात को कह रहे हैं. पूषा देव हमें पुण्य लोक में प्रतिष्ठित करें. (२)
Agni and Som are saying this. May Pusha Dev establish us in the virtuous world. (2)